Hindi story of rabbit and tortoise। खरगोश और कछुआ की हिंदी कहानी
Hindi story of rabbit and tortoise खरगोश और कछुआ कीकहानी
एक जंगल में बहुत सारे जानवर रहते थे जंगल बड़ा था पेड़ पौधे भी थे बहुत सारे पक्षी बहुत सारे जानवर भी थे
rabbit खरगोश कछुआ को चलते देखकर tortoise को बोलता रहता था तू क्या चलेगा कोई भी तुझे पकड़ने आएगा तो तो भाग ही नहीं सकता क्योंकि कछुआ कितना धीरे से चलता है आप सभी लोगों को पता ही है rabbit कछुआ जोर से चल नहीं सकता और खरगोश दो बहुत तेजी से भागता है rabbit आपको पता ही होगा एक दिन rabbit कछुआ को बहुत सताया तू चल नहीं सकता तू कैसा है तू ऐसा है बोलकर बहुत तंग कर दिया था कछुआ ने खुद बोला यहां से 1 किलोमीटर की दूरी पर एक बहुत बड़ा पेड़ है उस पेड़ के पास पहले कौन पहुंचता है हम दोनों चैलेंज करेंगे खरगोश बहुत हंसा तू कछुआ मेरे साथ चैलेंज करेगा कैसे भागेगा अपने पांव को देख तू अपने आप को देख मेरे साथ चैलेंज कैसे कर सकता है मेरे को कैसे हरा सकता है यह नामुमकिन है
Hindi story of rabbit and tortoise
तेरा सोचना ही मुमकिन नहीं है tortoise बोला फिर भी कोशिश करूंगा मैं मेहनत करूंगा कि तुम्हें जीत सकता हूं ऐसा अपने आप पर भरोसा है मुझे खरगोश बोला चल ठीक है तू और मैं चैलेंज करते हैं पहले तो दोनों उस पेड़ को देखने के लिए गए की कौन से पैर तक कितने टाइम के अंदर हमें पहुंचना है खरगोश ने टाइम है क्या आज शाम को यहां से निकलेंगे कल सुबह 10:00 बजे से पहले पेड़ के पास जो भी पहुंचेगा वही जीतेगा अगर तुम जीत गए तो आज के बाद तुम्हारे साथ कोई ऐसी बात नहीं करूंगा तुम ऐसे हो वैसे हो मैं बोलना छोड़ दूंगा मेरे से बड़ा बुद्धिमान तुम्हें समझ लूंगा फिर भी नामुमकिन है मैं ही जीतूंगा तुम कोशिश करो कल सुबह 10:00 बजे से पहले पहुंचने की मैं भी तैयार हूं कछुआ बोला मुझे मंजूर है बोलकर खरगोश को बोला खरगोश बोला चलो चलते हैं बोलकर दोनों एक साथ उस जगह से उस पेड तक पहुंचने के लिए निकल पड़े
खरगोश और कछुआ की हिंदी कहानी
दोनों चलते रहे चलते रहे कछुआ बहुत पीछे छूट गया था खरगोश बहुत आगे निकल गया था शाम को ही बहुत आगे निकल गया था अरगोस कछुआ बहुत पीछे था सोचता था कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो यही जीतेगा मेरा जीतना नामुमकिन है फिर भी कछुआ कोशिश कर ही रहा था खरगोश पीछे मुड़कर देखते देखते चलता रहा लेकिन tortoise दिख भी नहीं रहा था दूर-दूर तक भी नहीं दिख रहा था खरगोश को खरगोश सो जा थोड़ा देर सो जाते हैं थक गया हूं आराम भी हो जाएगा बोलकर खरगोश पेड़ के नीचे सो गया अभी पहुंचने के लिए थोड़ा ही बाकी था लेकिन पहुंचने से पहले खरगोश सो गया था कछुआ पूरी रात सोया ही नहीं पूरी मेहनत पूरी जोर लगा कर चलता रहा चलता रहा सुबह तक चलता रहा थोड़ा भी रुका नहीं कछुआ चलते चलते थक तो गया था लेकिन हिम्मत नहीं हारी चलते चलते सुबह हो गई
मेरी जीत होने का कोई चांस ही नहीं था
पीछे मुड़ कर देता था खरगोश दिखाई नहीं दे रहा था tortoiseखुशी-खुशी जा रहा था जैसे ही कछुआ पेड़ के पास पहुंचने वाला था तब खरगोश उठा और मुड़ कर पीछे देखा कछुआ दिख नहीं रहा था बहुत दूर तक फिर मुड़कर आगे देखा तो कछुआ पेड़ के पास पहुंचने ही वाला था फिर खरगोश भाग भाग कर गया जितने के लिए लेकिन तब तक उस पेड़ को पार कर लिया था कछुआ ने क्योंकि अपने आप पर बहुत घमंड था खरगोश को उतना भागने वाला अपनी घमंडी से कछुआ के साथ चैलेंज जो किया था खरगोश हार गया और कछुआ जीत गया tortoise बोला किसी और को कमजोर नहीं समझना पहले खुद को सुधारना खुद को देखो पहले खुद को सुधारो फिर दूसरे को देखो कभी भी दूसरे को कमजोर मत समझना खरगोश तुम मेरे को बहुत ऐसा वैसा कहकर बहुत सताते थे लेकिन जब यह चैलेंज तुम्हें ने किया था तुम ही ने दिया था तुम्हारा ही टाइम था लेकिन तुम ही हार गए तुम्हारी ही लापरवाही है अगर तुम बीच में नहीं सोते तो तुम तुम्हारी जीत होती मेरी जीत होने का कोई चांस ही नहीं था
तुम्हारा ही नहीं किसी का भी अपमान नहीं करूंगा
मुझे भी पता है तुम्हें भी पता है लेकिन मुझे कमजोर समझकर तुमने जो बीच में आराम किया वह मेहनत ही नहीं किया तो बिना मेहनत का फल तुम्हें कैसे मिलेगा पूरी रात भागकर एक सेकेंड के लिए भी ना रुक कर पूरी ताकत लगाकर अपने आप पर विश्वास कर कर मैं नहीं तुम्हें जीत लिया अब क्या कहते हो खरगोश बोला मुझे आप समझ में आया किसी का अपमान नहीं करना चाहिए किसी को कमजोर नहीं खरगोश tortoise को बोला मुझे माफ कर दीजिए मुझसे गलती हो गई आज के बाद मैं किसी का भी अपमान नहीं करूंगा तुम्हारा ही नहीं किसी का भी अपमान नहीं करूंगा बोलकर दोनों अपने अपने रास्ते चले
तो दोस्तों कभी भी किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए दूसरों को तकलीफ नहीं देना चाहिए अपने ही दम पर अपने ही हिम्मत पर अपने आप पर ही भरोसा करके मेहनत करना चाहिए
आपको यह कहानी कैसी लगी कमेंट में जरूर बता दीजिएगा आपका एक कमेंट एक शेर हमारे लिए बहुत बड़ा है
तो दोस्तों कभी भी किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए दूसरों को तकलीफ नहीं देना चाहिए अपने ही दम पर अपने ही हिम्मत पर अपने आप पर ही भरोसा करके मेहनत करना चाहिए
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धन्यवाद

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