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हिंदी प्रेम कहानी फुरेस्टिंग,ल इंट interesting love real story Hindi

हिंदी प्रेम कहानी फुल इंटरेस्टिंग interesting love real story Hindi
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दोनों की प्रेम कहानी एकदम फिल्मी थी वही पहली नजर का प्यार शायद यही वजह थी कि मन के किसी कोने में एक उम्मीद थी कि इस कहानी का अंत भी ज्यादातर हिंदी फिल्मों की तरह ही होगी सुखद सुमन और दीपक ने प्यार करने से पहले कभी कुछ हीं सोचा था लेकिन एक बार प्यार हो जाने के बाद दोनों इतने आगे निकल गए थे कि वापस आना ही मुश्किल था दोनों के लिए

दीपक ने जल्दी ही शादी करने के इरादे से एमबीए के ऐसे इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लिया जो नौकरी दिलाने का वादा करता हो दीपक हॉडबॉडीमें इसलीए भी था क्योंकि सुमन के घरवाले लडका तलाश रहे थे कीस्मत और मेहनत रंग ला रही थी बड़ एमबीए कॉलेज मे दाखिला मिलते ही दोनों के मुरझाते मन मे पानी की छींटे पड गई थी दोनो को लगने लगा था कि सब कुछ एकदम ठीक हो जाएगा दोनों की सोच रही थी लेकिन हिंदी फिल्मो की तर्ज पर नाटक मोड आना ही था सो आया कोर्स में दाखिला लेने के एक महीने के अंदर ही सुमन की शादी तय हो गई थी

सुमन बहुत घबराई हुई थी बल्की वो दोनो ही बहुत घबराए हुए दोनों सोच रहे थे क्यों ना हम दोनों भागकर शादी कर ले लेकिन दोनों के पास नौकरी नही थी और इस वजह से दोनो के बढते कदम ठिठर जाते थे शोभित बारबार सुमन और दोनों के खुद को समझाता रहा कि जो भी होगा अच्छा होगा दोनो की बात भी हुई कि शादी की बात अपने अपने घरो मे करें लेकिन हर बार की कोशिश जाती उम्र हैसियत बेरोजगारी जैसी वजहो की डर चढ जाती दिन बहुत तेजी से हाथ से निकल रहे थे दीपक ने एमबीए की पढ़ाई और कोर्स छोड़कर कॉल सेंटर में नौकरी करने की सोची. लेकिन प्यार के रास्ते पर पहले चल चुके कुछ अनुभवी लोगों ने इससे होने वाले नुकसान को इतना बड़ा करके बताया कि दोनों इस रास्ते में भी आगे नहीं बढ सके

दोनों ने प्यार तो कर लिया था लेकिन उसके आगे की बातें नहीं सोची थी यही वजह थी कि प्यार के सफर पर निकल जाने के बाद जब बात शादी की आ रही थी तो कभी सुमन को अपने भाई बहन की शादी का डर सता रहा था तो कभी दीपक के परिवार की इज्जत और भविशय की चिंता का काला खौफ सता रहा था ऐसे ही दिन बिताए गए

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समय ऐसे जा रहा था जैसे वह एक एक्सप्रेस तेज ट्रेन पर सवार हो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था रुकता भी तो कैसे उसका काम ही है लगातार चलना शादी की तारीख आ रही थी और बेवसी वेचैनी की अजीबसी भावनाओं ने मन में घर बना लिया था लेकिन ऐसे हालात में दोस्त सबसे अच्छे और अनोखे विकल्प देते हैं सुमन और दीपक को भी कई सुझाव मिले सुमन की शादी का दिन आतेआते हर बड़े से छोटे मंदिर तक नंगे पांव जाने और 1001 रुपये का प्रसाद चढ़ाने का वादा भगवान से मैं कर चुका था पर महंगाई के इस दौर में 1001 रुपये से होता क्या है. शायद भगवान को भी यह मंजूर नहीं था प्यार में दोनों पागल ही बन चुके थे कि क्या करना क्या नहीं करना कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था

निराश होकर दीपक ने नास्तीकता और वास्तवीकता की ओर कदम बढ़ा दिए. शादी तय होने से लेकर शादी के दिन तक लड़के का फोन नंबर और पता फेसबुक से निकालकर कुछ जुगत भिड़ाने की कोशिश भी नाकाम रही थी. उसकी शादी वाला पूरा दिन दीपक ने मंदिर में ही बीताया. कुछ उम्मीदें शायद अभी बाकी थीं हालांकि सूरज ढलने के साथ उनमें भी तेजी से कमी आ रही थी. हिंदी फील्मों को दीपक ने अपनी जिंदगी में कुछ ज्यादा ही उतार रखा था इसलिए शाम होते ही आखिरी सलाम करने पहुंच गया मैरिज हॉल.

दुल्हन के तैयार होने वाले कमरे में किसी तरह पहुंचकर उसे बोल दिया कि मैं स्टेज पर आऊंगा तू मुझे गले लगा लेना थोड़ा मुझे हेलो मारपीट तो करेंगे वह सभी मैं सह लूंगा बस इतना काम तुम कर देना हमारे पैर के लिए मार पड़ेगी लेकिन सब ठीक हो जाएगा शादी भी जाएगी इतना कहकर दीपक तीर की तरह दुल्हन सुमन कमरे से बाहर निकल गया. दीपक इतने जोश दोबारा जाग चुका था अब यह दीपक का ब्रह्मास्त्र था जयमाल होते ही वो स्टेज पर पहुंच जाता है उसके मन में ब्रह्मास्त्र के चलने के बाद पिटने का मार खाने का डर तो था पर साथ में सफलता की उम्मीद भी. स्टेज पर उसके करीब पहुंचातो उम्मीद थी कि वह गले लगा लेगी सुमन पर पूरा भरोसा था दीपक ने चुपके से इशारा भी किया लेकिन उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थी पर कुछ मिनट रुकने के बाद फोटोग्राफर ने दीपकदीपक से कहा भैया अब उतर भी जाओ कितने देर रहोगे एक झटके में दीपक अपनी सपनीली फिल्मी
         
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दुनिया से हकीकत में आ चुका था. सुमन किसी दूसरे की जिंदगी बन चुकी थी लौटने के बाद एकटक पत्थर सी आंख लिए दीपक रील लाइफ से निकलकर अपनी जिंदगी की फिल्म को रिवाइंड होते हुए देख रहा था. बस शोभित का साथ देने के लिए सुमन नहीं उसके नमकीन मैले आंसू और यादें साथ थीं ।
       


  तो दोस्तों आपको यह कहानी कैसी लगी जो भी हम सोचते हैं उसमें नहीं होता है ऊपर वाले की मर्जी किस की जोड़ी कहां है किसका कहां जाना है किसका मिलन होगा किसका नहीं होगा किस का अंत होगा किसकी जीत होगी किसकी हार
हमारे साइड में जुड़े रही है आगे ऐसी कहानी लेकर आता
धन्यवाद




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