God gives us two ways एक रास्ता शॉर्टकट एक रास्ता लंबा
Hindi real kahani भगवान हमें दो रास्ते देते हैं एक रास्ता शॉर्टकट एक रास्ता लंबा भगवान का काम है हमें रास्ता दिखाना हमारा काम है हमें अपना रास्ता चुनना यह कहानी एक ऑफिस की है एक ऑफिस में ऑफिस बॉय था ऑफिस बहुत ही बड़ा था ऑफिस में एंप्लॉई भी 100 के ऊपर थे बॉस भी अच्छा था सभी लोग अच्छे ही थे इतना सब लोग में से कुछ लोग तो खराब होते ही हैं खराब को पहचानना थोड़ा मुश्किल भी होता है जब तक हम उनके पास काम नहीं करतेदो एम्पलाई को डायरेक्टर बनाया
2013 से एक Hindi real kahani office बाय उस ऑफिस में काम कर रहा था 2017 तक 2017 के बाद ऑफिस धीमा चलने लगा दिमाग चलने के कारण ऑफिस का महीने का भाड़ा भी ज्यादा था इसीलिए ऑफिस को शिफ्ट करना पड़ा एक ही ऑफिस में दो लोग थे एक फ्लोर खाली करने का प्लान किया खाली करने के बाद दूसरा ब्रांच अलग दूसरी जगह में ओपन किया दूसरा ब्रांच ओपन करने के बाद वहीं से जो लोग आए थे उन्हें में से दो एम्पलाई को डायरेक्टर बनाया
लिया उन डायरेक्टरों ने उसी ऑफिस से एक ऑफिस वाई को चुना जोकि बाहर देश से था दोनों डायरेक्टरों ने बोला उस ऑफिस वाई को तुम हमारे साथ नए ब्रांच में आ जाओ हम तुम्हें अच्छा सैलरी देंगे घर भी देंगे ऑफिस में तुम्हारे सारे फैमिली भी बुला लो तुम्हारी अच्छी देखभाल करेंगे हर मुसीबत में हम तुम्हारा साथ देंगे हमारे साथ आ जाओ कहकर लालच दिखाकर ऑफिस भाई को इतना बात बता दिया ऑफिस भाई को अच्छा लगा की इन लोगों के साथ अगर मैं रहूंगा फैमिली को बच्चों को बुलाऊंगा तो फैमिली के साथ रहने को भी मिलेगा घर भी मिलेगा
हिंदी सच्ची कहानी Hindi real kahani
अच्छा होगा कहकर ठीक है मैं आपके पास आता हूं आपके ऑफिस में काम करूंगा बोलकर हां कर दिया डायरेक्टर नहीं बताया आपको आपका फैमिली को खाना पीना सभी ऑफिस के तरफ से ही मिलेगा तुम्हें Hindi real kahani office में ही घर मिलेगा 24 घंटा ऑफिस में ही रहना है बच्चों के लिए हर साल ₹20000 देंगे स्कूल खर्चे के लिए बीच में जो भी परेशानी आई तो हम आपको हेल्प करेंगे पूरी हेल्प करेंगे बोल दिए तो ऑफिस बॉय खुश होकर गांव छोड़कर
दोनों लेडी ने खाना बनाने का काम शुरू किया
गांव से बच्चों को बीवी को बुला लिया गांव में गाय महेश बकरे जो भी थे सभी सस्ते दामों पर बेचकर फैमिली को अपने पास बुला लिया कुछ 2 महीने तक अच्छा चल रहा था खाना भी मिल रहा था सबको 2 महीने के बाद डायरेक्टर ने अपने रिश्तेदारों को बुला लिया Hindi real kahani office में खाना बनाने का काम के लिए रख दिया दो लेडिस थी खाना बनाने वाली वह लेडी डायरेक्टर की रिलेशन नहीं थी दोनों लेडी ने खाना बनाने का काम शुरू किया
ऑफिस में उनके साथ मैं हेल्प करना पढ़ रहा था थोड़े दिनों के बाद ऑफिस बॉय का फैमिली का खाना बंद कर दिया डायरेक्टर लोगों ने सिर्फ दिन में खाना मिलता था वह भी सब लोग खाने के बाद बचा तो मिलता था नहीं तो नहीं मिलता सुबह-शाम छुट्टियों के दिन खुद का ही खरीद कर खाना पड़ता था ऑफिस वाई के पूरे फैमिली बाहर से ही खरीद के खाते थे
थोड़े दिन बाद ऑफिस वायने अपना ही रेशन खरीद कर रख लिया ऑफिस का खाना छोड़ कर अपना ही खाना खा रहा था ऑफिस के तरफ से खाना बंद हो गया था बाकि टाइम का लेडी डायरेक्टर के 2 लोग खाना बनाते थे
थोड़े दिन बाद ऑफिस वायने अपना ही रेशन खरीद कर रख लिया ऑफिस का खाना छोड़ कर अपना ही खाना खा रहा था ऑफिस के तरफ से खाना बंद हो गया था बाकि टाइम का लेडी डायरेक्टर के 2 लोग खाना बनाते थे
ऑफिस में वह लोग ऑफिस में से रेशन चोरी करना शुरू कर दिया चोरी करने पर ऑफिस भाई देख लिया करता था ऑफिस भाई ने कंप्लेंट किया यह लोग ऑफिस से कुछ लेकर जा रहे हैं बोलकर कंप्लेंट किया लेकिन कोई कंप्लेंट कोई कार्रवाई कुछ भी नहीं हुआ 1 साल तक ऐसे ही चलता रहा लेते रहे लेते रहे ऑफिस का फैशन का मंथली अमाउंट बढ़ता गया किसी ने भी कार्रवाई नहीं की खुद लेडी डायरेक्टर भी ऑफिस से आटा दाल चावल जो
6 महीने तक पैसे नहीं दिया
भी मिल जाता था पैक कर के घर लेकर जाती थी जब Hindi real kahani office में डायरेक्टर ही चोरी कर लेंगे तो ऑफिस कितने दिन चलेगा ऑफिस भाई के दो बच्चे थे स्कूल में भर्ती तो किया लेकिन ऑफिस में डायरेक्टरों को बोला कि हर साल ₹20000 देंगे करके बोला था पैसे दे दो बच्चों का एडमिशन करना है बोलकर पूछा डायरेक्टरों को तो डायरेक्टरों ने बोला कल परसों बोलकर 6 महीने तक नहीं दिया दिना दिन बोलते बोलते ऑफिस में थक गया तब से परेशान था ऑफिस में कहां फस गया जब सताओ महीना स्टार्ट हुआ सताओ महीने में ₹20000 दिया स्कूल के लिए ऑफिस
भाई ने दूसरे जगह से कर्ज लेकर बच्चों का एडमिशन करा लिया था 20000 बाहर से कर्ज लेने पर 7 महीने के बाद ऑफिस ब्वॉय ने 20000 का ब्याज मिलाकर 32000 कर्ज देना पड़ा दोस्तों आपको बोर लगेगा लेकिन यह मेरी सच्ची कहानी है कंटिन्यू के लिए नेक्स्ट पेज पर जाकर आप पढ़ सकते हैं अभी के लिए इतना ही आपको भी बोल लगेगा आपको टाइम नहीं है पढ़ने के लिए तो यह पेज पढ़ कर दूसरा पेज दूसरे दिन जब भी टाइम मिले आप पढ़ सकते हैं कमेंट में जरूर बता दीजिएगा धन्यवाद
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धन्यवाद
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